हे भगवन् राम

*प्रो.शरद नारायण खरे

रावण-संहारक,हे उध्दारक,तुम रोशन संसार करो

धर्म,नीति कम होते जाते,तुम इनका परसार करो

यह जीवन लगता है मानो, बोझ रखा सबके सिर पर,

तुम बनकर स्वामी औ' पालक,नाम नया उपहार करो ।

 

राम नाम लेकर के सारे,जीवन का सत्कार करो

गरिमा,मर्यादा के हक़ में,सत् की तुम जयकार करो

आज निराशा फैली भगवन्,तुम सम्बल देने आओ,

जिससे पापाचार रहे ना,तुम ऐसा उपचार करो ।

 

दशरथनंदन तुम परतापी,भवसागर से पार करो

हम अज्ञानी,हैं अबोध,तुम हरदम हमसे प्यार करो

पीड़ाओं ने हमको घेरा,व्यथा-वेदना मुस्काए,

आज रुदन में 'शरद' भक्त ,तुम कोरोना-संहार करो ।

 

*प्रो.शरद नारायण खरे

मंडला(मप्र)