हे ! राम


*सुषमा दिक्षित शुक्ला



हे  ! राम तुम्हारी धरती पर ,
अब दैत्य कोरोना आया है।


सब त्राहिमाम हैं बोल उठे ,


जब दिखा मृत्य का साया है।


हे!  राम दया दृग खोलो प्रभु,
अब फिर से सब संताप हरो ।


है  भोली जनता बिलख रही ,
हे! पुरुषोत्तम  अब माफ़ करो ।


जब रावण, खर ,दूषण  मारे,
तो  कोरोना की  क्या क्षमता।


अतुलित बलशाली राम प्रभू,
तुमसे  दैत्यों की क्या समता।


हे! प्रभू बचा लो  सृष्टि को ,
यह  ही  फरियाद हमारी है ।


हे! पुरुषोत्तम तुम फिर प्रकटो
ये  दुनिया  तुम्हें  पुकारी  है ।


*सुषमा दिक्षित शुक्ला